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प्रयागराज में विवेकानंद जयंती पर भव्य हिंदू सम्मेलन: श्रीमती तुलसी देवी तिवारी के भक्तिपूर्ण उद्बोधन से पर्यावरण संरक्षण और पारिवारिक मूल्यों पर दिया बल,

प्रयागराज में विवेकानंद जयंती पर भव्य हिंदू सम्मेलन: श्रीमती तुलसी देवी तिवारी के भक्तिपूर्ण उद्बोधन से पर्यावरण संरक्षण और पारिवारिक मूल्यों पर बल,
​स्वामी विवेकानंद जयंती के पावन अवसर पर, प्रयागराज के त्रिवेणी तट स्थित श्री सोमेश्वर नगर (अरैल) में संघ के भाग प्रयाग नैनी के तत्वावधान में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। ‘अखिल भारतीय ब्रह्म सेवा समिति’ के शिविर में आयोजित यह कार्यक्रम सकल हिंदू समाज के आह्वान पर संपन्न हुआ, जिसमें 250 से अधिक कल्पवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


​श्रीमती तुलसी देवी तिवारी का भक्तिपूर्ण एवं प्रेरक उद्बोधन
​सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि श्रीमती तुलसी देवी तिवारी का भावपूर्ण उद्बोधन था। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और कुटुंब (परिवार) प्रबोधन पर अपने विचार रखे, जो भक्तिभाव से ओत-प्रोत थे और सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बने। श्रीमती तिवारी ने अत्यंत मार्मिक ढंग से समझाया कि प्रकृति की सेवा ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है। उन्होंने कहा कि वृक्ष, नदियाँ और हमारी धरती माता पूजनीय हैं, और उनका संरक्षण हमारा नैतिक और धार्मिक कर्तव्य है।
​परिवार के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि एक सुदृढ़ और संस्कारवान परिवार ही एक मजबूत समाज और राष्ट्र की नींव है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में संयुक्त परिवार की परंपरा और बड़ों के सम्मान के महत्व को रेखांकित किया। उनका उद्बोधन न केवल ज्ञानवर्धक था, बल्कि उसने उपस्थित जनसमूह के हृदयों को भी छू लिया, जिससे वे पर्यावरण और अपने परिवारों के प्रति और अधिक जागरूक हुए।
​हिंदू एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश
​कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के तीर्थ पुरोहित बृजेश पांडेय ने की। मुख्य वक्ता के रूप में काशी प्रांत के सामाजिक सद्भाव प्रमुख शिवमूर्ति ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने सभी हिंदुओं से एक होने और जातीय भेदों को मिटाने का पुरजोर आह्वान किया। शिवमूर्ति जी ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और विचारों का अनुसरण करने का संकल्प दिलाया, जो आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं।
​धर्म और राष्ट्र पर विचार


​मुख्य अतिथि महंत श्याम दास जी महाराज और गोपाल दास ने हिंदू एकता और धर्म सम्मत सारगर्भित विचार रखे। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म वसुधैव कुटुम्बकम की भावना पर आधारित है और हमें इसी भावना को आत्मसात करते हुए राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना चाहिए। विशिष्ट अतिथि विनोद और कमला देवी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
​उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

​इस अवसर पर नगर कार्यवाह अश्विनी कुमार, मंगल (भाग प्रचारक), दशरथ (मा. भाग संघ चालक), दिनेश (भाग सह संघ चालक), राजेश (भाग कार्यवाह), रजनीकांत (सह भाग कार्यवाह), दूधनाथ (भाग सेवा टोली सदस्य), नागेश (भाग सह बौद्धिक प्रमुख) सहित अनेक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन और समापन सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम था।
​यह सम्मेलन न केवल स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करने का अवसर था, बल्कि इसने समाज को पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक समरसता के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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