सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम में गूंजी समृद्ध भारतीय संस्कृति की ध्वनि
विद्याभारती द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर, राजकिशोर नगर में हुआ भव्य आयोजन
बिलासपुर।
विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, राजकिशोर नगर में सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसके पश्चात उपस्थित जनों ने भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण पर प्रेरक विचार सुने।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से पर्यावरण शुद्धिकरण, संयुक्त परिवार व्यवस्था, और भारतीय जीवन दृष्टि जैसे विषयों पर वक्ताओं ने अपना महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
अध्यक्षता राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित श्रीमती तुलसी तिवारी ने की, जिन्होंने कहा कि—
“भारतीय संस्कृति में परिवार ही प्रथम विद्यालय है, और प्रकृति का संरक्षण जीवन का सर्वोच्च धर्म।”
प्रमुख वक्ताओं के विचार
सुश्री चानी ऐरी, व्याख्याता एवं सहसंयोजक, स्वावलंबी भारत अभियान ने कहा—
“स्वावलंबन तभी पूर्ण होगा जब परिवार, समाज और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियां समन्वित हों।”
श्रीमती नम्रता ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (सेवानिवृत्त) ने कहा—
“संयुक्त परिवार भारतीय समाज की शक्ति है। संस्कार, संवेदनशीलता और संतुलन इसी व्यवस्था से जन्म लेते हैं।”
सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मन मोह लिया
स्वाति साहू के निर्देशन में प्रस्तुत सुवा नृत्य ने सभी को आनंदित किया। विद्यार्थी भारत माता, महारानी लक्ष्मीबाई, भगिनी निवेदिता आदि के रूप में सुसज्जित होकर कार्यक्रम की गरिमा और आकर्षकता बढ़ा रहे थे।

विद्यालय परिवार की उपस्थिति
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य भूपेंद्र गौरहा, व्याख्याता रमाकांत मिश्रा, संतोषराव शिंदे, श्रीमती मीना देवगन, सुजाता श्रीवास्तव, समता दीपा यादव, मनीषा सिंह, प्रीतिबाला पटेल, आनंदी दुबे, आरती मिश्रा, ममता श्रीवास्तव, माधुरी नामदेव सहित सभी शिक्षकों और अभिभावकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
विद्यार्थियों का योगदान सराहनीय
कार्यक्रम को सफल बनाने में खुशी बरत, आद्या तिवारी, माही साहू, अम्बे राजपूत, रमा दुबे, गीतांजलि यादव, शालिनी वर्मा, हेमाकेपट आदि विद्यार्थियों का योगदान सराहनीय रहा।



