ऊर्जा क्षेत्र में SECL का दबदबा: उत्पादन और प्रेषण के तीनों मानकों में वृद्धि करने वाली कोल इंडिया की एकमात्र कंपनी बनी
बिलासपुर | 01 अप्रैल, 2026
साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सफलता का नया इतिहास रच दिया है। कोल इंडिया की तमाम अनुषंगी कंपनियों के बीच एसईसीएल एकमात्र ऐसी कंपनी बनकर उभरी है, जिसने कोयला उत्पादन, प्रेषण (आफटेक) और ओवरबर्डन निष्कासन (OBR) जैसे तीनों चुनौतीपूर्ण पैमानों पर सकारात्मक बढ़त हासिल की है।
आंकड़ों में शानदार प्रदर्शन
कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में 176.2 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 5.26 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कोयला प्रेषण में भी 4.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 178.6 मिलियन टन का आंकड़ा छुआ गया। कंपनी ने इस बार रिकॉर्ड 364.3 मिलियन क्यूबिक मीटर ओवरबर्डन हटाकर अपनी परिचालन क्षमता का लोहा मनवाया है।
तकनीक और पर्यावरण पर जोर
एसईसीएल ने न केवल उत्पादन बढ़ाया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी कीर्तिमान स्थापित किया। कंपनी ने:
13.96 लाख पौधों का रोपण किया।
43.78 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित कर कार्बन उत्सर्जन कम किया।
देश की पहली ऐसी कोयला पीएसयू बनी, जिसने पेस्ट फिल तकनीक जैसी आधुनिक पद्धति अपनाई।
सामाजिक सरोकार और रोजगार
कंपनी ने इस वर्ष रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रिकॉर्ड 511 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। इसके साथ ही 754 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को भी रोजगार उपलब्ध कराया गया। महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कंपनी ने पूर्णतः महिला संचालित औषधालय और भंडार इकाई की शुरुआत की है।
सीएमडी ने दी बधाई
इस ऐतिहासिक सफलता पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि हमारे कर्मचारियों के कठिन परिश्रम और टीम भावना का परिणाम है। यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।



