ढाबे में गुंडागर्दी दिखाने वाले सुमीत यादव के हाथ में अब पुलिस ने थमा दिया है जेल का ‘मेन्यू’। पैरवी करने पहुंचे दोस्तों को भी मिला ‘बाय वन गेट वन फ्री’ का प्रसाद
बिलासपुर। शहर के सकरी थाना क्षेत्र के भवानी ढाबे में खाना खाने गए युवकों के साथ गाली-गलौज और जानलेवा मारपीट करने वाले मुख्य आरोपी सुमीत यादव को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आरोपी के पास से पुलिस ने एक धारदार चाकू भी जब्त किया है। वहीं, इस मामले में सबसे मजेदार मोड़ तब आया जब आरोपी की पैरवी करने और पुलिसिया कार्रवाई में अड़ंगा डालने पहुंचे उसके दोस्तों को भी पुलिस ने “बाय वन गेट वन फ्री” का प्रसाद देते हुए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की चपेट में ले लिया। ढाबा संचालक भी पुलिस के रडार से नहीं बच पाया।
क्या था पूरा मामला?
शिकायतकर्ता हर्ष पटेल (20 वर्ष, निवासी तारबाहर) ने सकरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 मई को वह अपने दोस्तों आदित्य साहू और आदित्य मुदलियार के साथ भवानी ढाबा खाना खाने गया था। खाना खाने के बाद जब वे लोग वहां से निकलने वाले थे, तभी अचानक अशोक नगर बहतराई निवासी सुमीत यादव (23 वर्ष) वहां पहुंचा और बिना किसी वजह के आदित्य साहू से गाली-गलौज करने लगा।
जब पीड़ित पक्ष ने इसका विरोध किया, तो सुमीत ने अपने 6-7 अन्य साथियों को बुला लिया। इसके बाद पूरी गैंग ने लाठी, पाइप और पत्थरों से पीड़ित युवकों पर हमला कर दिया। गुंडागर्दी का आलम यह था कि आरोपी सुमीत ने पीड़ित का मोबाइल भी जमीन पर पटक कर तोड़ दिया और जान से मारने की धमकी दी।
ओवरब्रिज के पास घेराबंदी, खुला जेल का रास्ता
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के DIG और SSP रजनेश सिंह ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एडिशनल एसपी (शहर) पंकज कुमार पटेल और सीएसपी (सिविल लाइन) निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में सकरी थाना प्रभारी विजय चौधरी ने तत्काल एक्शन टीम बनाई।

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाया और आरोपी सुमीत यादव को ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर दबोच लिया। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से एक लोहे का धारदार चाकू बरामद हुआ, जिसके बाद मामले में 25 आर्म्स एक्ट की धारा भी जोड़ दी गई।
थाने पहुंचे थे ‘रॉबिनहुड’ बनने, खुद ही नप गए!
इस पूरी कार्रवाई के दौरान एक दिलचस्प वाकया हुआ। जब पुलिस सुमीत को पकड़कर थाने लाई, तो आरोपी के पक्ष में माहौल बनाने और पुलिस कार्रवाई में व्यवधान डालने के लिए उसके दो मददगार—उमेश शर्मा (कुदुदंड) और निशान गुप्ता (तारबाहर)—थाने धमक पड़े। सकरी पुलिस ने बिना वक्त गंवाए ‘अति उत्साह’ दिखा रहे इन दोनों दोस्तों और साथ ही लापरवाही बरतने वाले भवानी ढाबा के संचालक राजकुमार पमनानी (निवासी जबड़ापारा) के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई (इस्तगासा) ठोक दी और उन्हें माननीय न्यायालय में पेश कर दिया।
पुलिस का कड़ा संदेश: सकरी पुलिस ने साफ कर दिया है कि गुंडागर्दी करने वाले तो जेल जाएंगे ही, लेकिन जो पीठ पीछे उनका सहयोग करेंगे या थाने आकर ‘नेतागिरी’ चमकाएंगे, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मुख्य आरोपी सुमीत को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, और उसके बाकी फरार साथियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
कानूनी पेंच (धाराएं): अपराध क्रमांक 467/2026; धारा 296, 351(3), 115(2), 191(2), 324(4) बीएनएस (BNS) एवं 25 आर्म्स एक्ट




