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डिजिटल योग में तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड, 4.35 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ लाइव जुड़कर बनाया ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’!​पिछली बार का रिकॉर्ड हुआ ध्वस्त; इस साल 4 लाख 35 हजार से ज्यादा लोगों ने वर्चुअल मंच पर एक साथ किया योग, देखें आंकड़े,योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि मन और आत्मा को संतुलित करने का विज्ञान है डॉ श्रुति थवाईत,,,

डिजिटल योग में तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड, 4.35 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ लाइव जुड़कर बनाया ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’!
​पिछली बार का रिकॉर्ड हुआ ध्वस्त; इस साल 4 लाख 35 हजार से ज्यादा लोगों ने वर्चुअल मंच पर एक साथ किया योग, देखें आंकड़े


​बिलासपुर।
योग और तकनीक के महासंगम ने आज एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के पावन अवसर पर आयोजित ऑनलाइन योग सत्र ने पिछले साल के अपने ही रिकॉर्ड को मटियामेट करते हुए ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ (विश्व कीर्तिमान) अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक आयोजन में डिजिटल माध्यम से जुड़ने वाले लोगों का आंकड़ा इस बार सारे अनुमानों को पार कर गया, जिसने बिलासपुर का नाम वैश्विक पटल पर चमका दिया है।
​पिछले साल बनाम इस साल: आंकड़ों की जुबानी
​इस साल की भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि बिलासपुर और देश-विदेशी स्तर पर योग को लेकर जागरूकता किस कदर आसमान छू रही
1.35 लाख से ज्यादा नए लोगों ने थामी डिजिटल योग की कमान
​आंकड़े साफ गवाही दे रहे हैं कि पिछले साल जहां 3,00,105 लोग ऑनलाइन जुड़े थे, वहीं इस साल यह संख्या बढ़कर 4,35,831 पहुंच गई। यानी सीधे-सीधे 1,35,726 नए लोगों ने इस मुहिम से जुड़कर इतिहास रचने का काम किया है।।


​सुबह जैसे ही वर्चुअल सत्र की शुरुआत हुई, ज़ूम, यूट्यूब लाइव और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सर्वर पर ट्रैफिक तेजी से बढ़ने लगा। गाँव की चौपालों से लेकर महानगरों के अपार्टमेंट्स तक, हर कोई स्क्रीन के सामने मुस्तैद था। लोगों ने अपने-अपने घरों से कैमरे ऑन कर एक साथ प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया।


: “दवाइयों से ज्यादा असरदार है नियमित योग”
​इस ऐतिहासिक विश्व कीर्तिमान की सफलता पर शहर के प्रतिष्ठित और वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी योग के वैज्ञानिक, शारीरिक और मानसिक महत्व पर अपने बेहद महत्वपूर्ण विचार साझा किए हैं।
​डॉ. यशपाल ध्रुव ने योग को आधुनिक जीवनशैली की संजीवनी बताते हुए कहा:
​”आज के दौर में जब मानसिक तनाव, ब्लड प्रेशर और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, तब योग ही एकमात्र ऐसा साधन है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के शरीर को भीतर से मजबूत बनाता है। ऑनलाइन माध्यम से 4.35 लाख से अधिक लोगों का एक साथ जुड़ना यह साबित करता है कि अब लोग इलाज कराने के बजाय, बीमार न पड़ने की कला (Preventive Healthcare) को अपना रहे हैं। यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बिलासपुर के स्वास्थ्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है।”


​वहीं, योग और मानसिक स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों को रेखांकित करते हुए डॉ. श्रुति थवाईत ने कहा:
​”डिजिटल मंच पर इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना एक मूक क्रांति की तरह है। योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि मन और आत्मा को संतुलित करने का विज्ञान है। दैनिक जीवन में प्राणायाम और ध्यान को शामिल करने से डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याओं से आसानी से लड़ा जा सकता है। तकनीक के माध्यम से योग को घर-घर तक पहुंचाकर इस अभियान ने न सिर्फ रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि लाखों परिवारों को सेहतमंद जिंदगी का अनमोल मंत्र भी दिया है।”


यह केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि डिजिटल इंडिया और स्वस्थ भारत की वो बुलंद तस्वीर है, जिसने आज पूरे विश्व को बिलासपुर की संगठित शक्ति का लोहा मानने पर मजबूर कर दिया है

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